परिचय: “होठों में मुरुली” एक प्रसिद्ध कुमाऊंनी भजन है जिसे कुमाऊं के प्रसिद्ध लोकगायक स्वर्गीय पप्पू कार्की ने लिखा और…
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गढ़वाली लोकगीत हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन गीतों में हमें गढ़वाली समाज के रीति-रिवाज, मानवीय संवेदनाएँ,…
काली कुमाऊं में खेली जाने वाली बीस बग्वालों में से केवल अब एक ही बग्वाल रह गई है। जिसे श्रावणी…
उत्तराखंड के जंगलों में तरह-तरह की औषधीय वनस्पतियां हैं, जिनका प्रयोग करके हम खुद को स्वस्थ और तंदुरुस्त रख सकते…
उत्तराखंड के लोक देवता : उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, भारत का एक ऐसा राज्य है जहां धार्मिक और…
हरेला 2025 की शुभकामना संदेश | हरेला की हार्दिक शुभकामनायें :- जी रया, जागि रया, यो दिन बार भेटने रया!…
पिछले दो हफ्तों से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में एक गीत तहलका मचा रहा है— पंचाचूली देश ! यह गाना…
गंगा दशहरा पूरे देश मे मनाया जाता है। गंगा दशहरा जेष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। जेष्ठ शुक्ल दशमी…
सोमनाथ मेला उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मासी गांव में रामगंगा नदी के तट पर, सोमेश्वर महादेव मंदिर के सामने…
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में, भेली धरना (या भेलीधरण) नामक एक आकर्षक सगाई रस्म जीवन भर के बंधन की शुरुआत…