Friday, May 24, 2024
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शुभकामनाएं पहाड़ी भाषा मे | best wishesh in garhwali and Kumauni

सभी के जीवन में जन्मदिन ,शादी और सालगिरह का एक अपना महत्व होता है। और जब हम उनको इस खास मौके पर शुभकामनाएं देते हैं तो ,उनको खुशी तो मिलती है । इसके साथ साथ उनके साथ रिश्ता और मजबूत हो जाता है।

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और यदि हम अपनों को हम अपनी भाषा में संदेश भेजते हैं,तो हमारा आपस का रिश्ता और मजबूत हो जाता है। यानी उसमे और अपनापन आ जाता है।इसी क्रम में हमारी टीम देवभूमि दर्शन ने आपके लिए कुछ पहाड़ी भाषा में संदेश बनाने की कोशिश की है। अगर अच्छे लगे तो शेयर जरुर करें।

जन्मदिन की शुभकामनाएं कुमाऊनी और गढ़वाली में –

  • “जी रये जागी राये । यो दिन यो बार, आपुण जनम बार मनूनै राये।। जनम बारेक बधाई।।
  • “जुगराज रयाँ मेरा लाटा
    त्वेकु जनम दिन मुबारिक हो”
  • “हे !निर्भगी तीथे जनम दिन की बौत बौत बधे।”
  • जी रये, जागी रये।
    स्याव जे बुद्धि है जो।
    बल्द जे तराण हैं जो।
    दुब जे पनपने रये।
    कफुवे जे धात हैं जो।
    पाणी वाई पतौउ हैं जे।
    लव्हैत जे चमोड़ हैं जे।
    ये दिन यो बार भेंटने रे।
    जी रये जागी रये।
    जनमदिनेक बहुत बधै।
  • तुमथे जन्मदिनक भौत भौत बधै ।
    धारी देवी माँ तुमथे राजी खुशी रखे।
  • दाज्यू/भुलि/दिदि  तुमुकैं भकार भरि भरि बेर,जनमदिनक बधाई हो।”
  • हे म्यार लाटा तुमुथे ,जन्म दिन का वास्ता भौत भौत बधाई छ”
  • हे रे दिदा तुमुथै ,जन्म बारक खूब बधाई छ। भगवान बद्री केदार का आशीष तुमथे मिलता रो।।”

शुभकामनाएं

जन्मदिन की शुभकामनाएं कुमाऊनी मे –

  • बची रया दाज्यू,हर साल केक काटनेर रया।

सौ साल तक बचि रया। आपुण प्यार आशिष, हमूकैं लै  दिनै रया।।”

  • अरसों का खुषबू, बोडा बोडी कु प्यार। बधाई हो भै जी, तुमुथैं , तुमरा जनम बार।।
  • तुमर जनमदिंन छु खास। किलैकी तुम छा साबुक कल्जा पास। आज पुरि हो , तुमरि सब आस।।
  • सबुक प्यार और ,घरेक खुशी मिलो तुमुगु। इष्टदेवक करपा और ईजक आशीष मिलौ तुमुगूं।
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तुमर होटो पा हमेशा खितखिताट बनि रौ। एत्तू भरि भरि बेर प्यार और खुशि मिलौ तूमुगू।।

  • बाबा केदार को आशीश, माँ नन्दा कु प्यार मिलौ। भै जी तुमुकैं यो जनमदीन, यो जीवन में बारम बार मिलौ।।

शादी सालगिरह की शुभकामनाएं कुमाऊनी और गढ़वाली  में –

“दाज्यू जी रया ,जागि रया । यसिकै हमू कैं पार्टी  दिनै रया।।

भौजि हाथक मार खाने रया। तुमर और भौजि प्यार अमर है जो।

तुमर खट्ट भौल है जो, आघिल साल तुमर च्यल है जो।।

ब्याक/ सालगिरह  बधाई तुमुकैं और भौजि कैं।”

“कृष्ण रूकमनी कि जोड़ि तुमरी अमर है जो।

ओ दिदि / दादी ,तुमरी ब्याक सलगिरह सुफल है जो।।

इष्ट देवो छाया हो, ईजा बाबू आशीर्वाद मिलौ तुमुकैं।

दिदि / दादी ब्याक सालगिरह मुबारक हो तुमुकैं।।

शुभकामनाएं
शुभकामनाएं पहाड़ी में

घर मे कन्या आगमन पर शुभकामनाएं –

“घोर मा खुशी,समाज में प्यार आयी।  बधै हो भै जी , तुमुथै नोनि ची होयी।।

ईष्ट देवोंक आशिश, पितरों को प्यार लै रै। बधाई हो दाज्यू तुमरि चेलि है रै।।

पत्नी को जन्मदिन की शुभकामनाएं पहाड़ी में

मेरी कल्जे टुकुड़ी,बाने थूपुड़ी , तू जी रे जागी रे, म्यर साथ निभुने रे
1000 साल तक अपूण जन्म बार मनुने रे।।
मेरी लाडुली सैणी ,त्यर जन्मदिन खूब सुफल है जो।।
“यो दिन छू खास, तू छे मेरी खास।
यो विनती छू ईष्ट देवो भै ,तू रै ना कभी उदास।।
मेरी मायादार घरवाई टिके जन्मदिनक बधाई छू ।
जो दिन बे तू मेरी जिंदगी मा आई, म्यर घर मे खुशी ल्याई।
तू 100 साल, बचि रे, तुमुके हैप्पी बर्थडे मेरी घरवाई।।
भाबरे की लाई सुवा भाबरे की लाई।
किभेली के बान मेरी रंगीली घरवाई।।
आजक दिन दैण छू ,सुफल यो महेण छू।
किले की आजक दिन ,दूनी में आई मेरी मयाली घरवाई

कुमाउनी में जन्मदिन कविता पत्नी के लिए –

मेरी सुवा, तू जी रे जागी रे।
म्यर दैगे जिंदगी भर लड़ने रे।।
तेरी लड़े में ले प्यार छू।
तेरी बिना जिंदगी बेकार छू ।।
यो दिन यो बार सुफल है जो।
मेरी भाग्यानी त्यर जन्मबार मंगल है जो।।
यसीके जन्म बार रोज मनुने रै।
मेरी सुवा तू जी रे जागी रे…..
स्याव जसि तेरी बुद्धि है जो।
बल्द जस  तुकु तराण है जो।।
तू समाज मे  पाणि  जसि पतई है जे।
परेशानी में ल्वेहट जसि चमोड़ है जे।
मेरी लाडुली त्यर जन्मबार सुफल है जो।

पति के लिए जन्मदिन की शुभकामनाएं कुमाउनी में-

अपने प्यारे पति को कुमाऊनी में शुभकामनाएं प्रेषित करने हेतु ये छोटी सी तुकबंदी वाली कुमाऊनी कविता का सहारा भी ले सकते हो। उम्मीद है अपनी भाषा में शुभकामनाएं आपके प्रियतम पसंद आएँगी।

मेरी शान छा तुम,
मेरी जान छा तुम।
म्यर अभिमान छा तुम
तुमर जन्मबार म्यर मंगल बार छू।
किले की म्यर सिंदुरेक पहचान छा तुम।
जन्मबारक भौत बधई, तुमुकु म्यारा स्वामी ।।
हिया मा तुमरो  ख्याल रुछ,
रति धुपेरी और ब्याल रुछ।
तुम रिसओ ,तो दिन भरी मलाल रुछ।।
मिके एसिक न दुखाई करो।
मी प्यारल मनु तो मान जाई करो।।
तुमर लिजी भूमियों थानम हाथ जोडनु आज।
तुमर जन्मबार सुफल है जो आज।।
म्यारा प्यारा स्वामी , म्यर जीवनक आधार।
तमु लिभे मी छि, तमु लिभे म्यर प्यार।
तुम जी राया, जागी राया,खुशी राया।
हजार साल तक  मनुने राया यो त्यार।।
म्यारा स्वामी हम सबुते सुफल है जो,
मंगल है जो तुमर जन्मबार।।

भाभी के लिए जन्मदिन की शुभकामनाएं पहाड़ी में –

रॉवणे ले गोली मारी, राम ज्यूँ बाणा।
जन्मबार सुफल हो तुमर भोजी,

तुम छा हमर दाज्यू का प्राणा।।
तुम म्यर ईजक समान छा,  तुम दाज्यूक जान छा।

भौजी तुमर जन्मबार खास छू, तुम हमर घरेक पहचान छा।।
रोज यसीके हँसते रया, आपुन आशीष ,प्यार मिके दिने राया।
हजार सालक तुमरी उमर है,जो हर साल यसीके जन्मबार मनुने राया।
“जन्मदिक़् भौत भौत बधई तुमुगु भौजी”
“मेरी लाडुली भौजी , तुम जी राया, जागी राया। हँसते राया मुस्कराते राया, हर साल यसीके हमुदगे जन्मबार मनाते राया”

निवेदन  –

पहाड़ी भाषा में शुभकामनाएं हमारा ,अपनी बोली भाषा में संदेश ,एक छोटा सा प्रयास था,अपनी बोली भाषा बढ़ाने के लिए। यदि अच्छा लगा हो तो  सोशल मीडिया पे जरूर शेयर करें

यह भी पढ़ेगज्जू मलारी, उत्तराखंड की एक लव स्टोरी।

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Bikram Singh Bhandari
Bikram Singh Bhandarihttps://devbhoomidarshan.in/
बिक्रम सिंह भंडारी देवभूमि दर्शन के संस्थापक और लेखक हैं। बिक्रम सिंह भंडारी उत्तराखंड के निवासी है । इनको उत्तराखंड की कला संस्कृति, भाषा,पर्यटन स्थल ,मंदिरों और लोककथाओं एवं स्वरोजगार के बारे में लिखना पसंद है।
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