मुंबई | भारतीय संगीत जगत के लिए आज का दिन अत्यंत पीड़ादायक है। अपनी जादुई आवाज से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही फिल्म जगत और दुनियाभर में फैले उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
मल्टी-ऑर्गन फेलियर बना निधन का कारण
ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि आशा जी का निधन ‘मल्टी-ऑर्गन फेलियर’ के कारण हुआ है। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनकी पोती जनाई भोसले ने जानकारी दी थी कि उन्हें ‘चेस्ट इन्फेक्शन’ (सीने में संक्रमण) हुआ था। प्रशंसक लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार
आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने दुखद समाचार की पुष्टि करते हुए बताया:
“मेरी माता जी का आज निधन हो गया है। कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित ‘कासा ग्रांडे’ में लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।”
20 भाषाएं और 12 हजार गीतों का कीर्तिमान
आशा जी का करियर लगभग पांच दशकों से भी लंबा रहा। उन्होंने न केवल हिंदी, बल्कि 20 भारतीय और विदेशी भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। साल 2006 में उन्होंने स्वयं साझा किया था कि वे 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड कर चुकी हैं।
उनकी बहुमुखी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने गजल, भजन, पॉप और शास्त्रीय संगीत—हर शैली में महारत हासिल की। वे ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय गायिका भी थीं।
उनके कुछ सदाबहार गीत:
- दम मारो दम
- चुरा लिया है तुमने जो दिल को
- इन आंखों की मस्ती के
- पिया तू अब तो आजा
- अभी ना जाओ छोड़ कर
- कजरा मोहब्बत वाला
पुरस्कार और सम्मान
संगीत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म विभूषण और भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया था।
अपनी बड़ी बहन ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर के बाद आशा जी का जाना संगीत प्रेमियों के लिए एक ऐसा शून्य पैदा कर गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। आज हर वह आंख नम है जिसने कभी न कभी आशा जी की आवाज में प्यार, विरह या खुशी को महसूस किया है। भारतीय संगीत के आकाश का एक चमकदार सितारा आज हमेशा के लिए विदा हो गया।
