Tuesday, March 5, 2024
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भौना देवी मंदिर भतरौंजखान || भौना देवी अल्मोड़ा उत्तराखंड | Bhauna devi mandir Almora Uttrakhand || bhauna devi

माँ भौना देवी उत्तराखंड  की गढ़वाल कुमाऊ की देवी हैं। जनश्रुतियों के अनुसार भौना देवी माता गढ़वाल ले लाकर कुमाऊँ में स्थापित किया गया था। 

माता भौना देवी का मंदिर भतरौजखान उत्तराखंड में  स्थित है। रामनगर रानीखेत राष्ट्रीय मार्ग पर भतरौंजखान से थोड़ा पहले मझोड़ भतरौजखान रोड पर कालसों बसोट से 14 किलोमीटर दूर जिहाड़ गांव में पड़ता है, माँ भौना देवी का ऎतिहासिक मंदिर। भौना देवी मंदिर रानीखेत से 40 किलोमीटर दूर रानीखेत रामनगर रोड पर है। भौना देवी माता का मंदिर लगभग 250 वर्ष पुराना है।

स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार भौना देवी को गढ़वाल से लाकर यहां स्थापित किया गया है। ( Bhauna devi mandir Almora ) वीरांगना तीलू रौतेली के एक प्रसंग के अनुसार उन्होंने भौन में भौना देवी का मंदिर स्थापित किया था । जब उन्होंने कत्यूरी सेना पर विजय पाई थी।

भौना देवी का मंदिर
भौना देवी माँ का पुराने मंदिर की फ़ोटो।
फ़ोटो साभार – सोशल मीडिया

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माँ भौना देवी गढ़वाल और कुमाऊ दोनो की पूज्य देवी है। सल्ट भतरौजखान एवं आस पास गढ़वाल एवं कुमाऊँ  ,पूरे क्षेत्र की अटूट श्रद्धा का केंद्र है  देवी माँ का मंदिर। माँ के मंदिर परिसर में  शिवलिंग और काल भैरव का स्तम्भ है। तथा मंदिर परिसर में ही लोक देवता हरज्यूँ की धूनी भी स्थित हैं।हरज्यूँ की धूनी भी स्थित हैं।

माँ भौना देवी
माँ भौना का मंदिर सल्ट भतरौजखान, अल्मोड़ा
फ़ोटो साभार -सोशल मीडिया

क्षेत्रवासियों के अनुसार , जब माता भौना देवी को गढ़वाल से लाकर यहाँ स्थापित किया गया, तब माँ की पूजा  जिहाड़ गांव के पास की जाती थी। बाद में देवी माँ को गाव की मनोरम चोटी पर स्थापित कर दिया गया। सन 1945 तक यहाँ एक छोटा सा मंदिर था। बाद में इसमे माँ की मूर्ति स्थापना कर दी गई।

माँ भौना के मंदिर की पूरी छत पत्थरों की छाई है। माँ का मंदिर जिहाड़ गांव का मनोरम पर्वत अतुलनीय प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र है। यहाँ से प्रकृति का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। भौना माता के मंदिर से हिमालय का प्राकृतिक सौंदर्य के साथ सल्ट क्षेत्र की पाँच पट्टियाँ एक साथ दिखाई देती हैं। सल्ट की पाँच पट्टियों के नाम इस प्रकार हैं –

  1. तल्ला साल्ट
  2. मल्ला सल्ट
  3. विचल्ला सल्ट
  4. पल्ला सल्ट
  5. वल्ला सल्ट

यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता धार्मिक महत्व को देखते हुए, यहाँ धार्मिक पर्यटन की अपार संभवनाएं हैं।

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भौना माता के मंदिर में, चैत्र अष्टमी में विशाल मेला लगता है। पहले यहाँ हर तीसरे साल पशु बलि की प्रथा होती थी। लेकिन अब जागरूक लोग, उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों की तरह यहाँ भी पशु बलि बंद करने के समर्थन में हैं। मईया के द्वार पर साल भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। लोगों का मानना है कि जो सच्ची श्रद्धा से माँ वक दरबार मे आता है, मैय्या उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती है।

इस मंदिर के बारे मे बताते हैं कि, जिस पहाड़ी के ऊपर यह मंदिर है,उस पहाड़ी के नीचे पानी का अथाह भंडार है। मंदिर जाने वाले रास्ते में एक रिसोर्ट भी पड़ता है। इसके आस पास घूमने लायक , कार्बेट नेशनल पार्क , गर्जिया देवी मंदिर तथा प्रसिद्ध हिल स्टेशन रानीखेत है। एवं सल्ट क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता देखने योग्य है। यह सल्ट का प्रसिद्ध देवी मंदिर हैं।

 

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Bikram Singh Bhandari
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बिक्रम सिंह भंडारी देवभूमि दर्शन के संस्थापक और लेखक हैं। बिक्रम सिंह भंडारी उत्तराखंड के निवासी है । इनको उत्तराखंड की कला संस्कृति, भाषा,पर्यटन स्थल ,मंदिरों और लोककथाओं एवं स्वरोजगार के बारे में लिखना पसंद है।
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