बेडू पाको बारो मासा सांग लिरिक्स || बेडू पाको गीत के बारे में || Bedu Pako baro Masa song lyrics

बेडू पाको बारोमासा गीत उत्तराखंड की पहचान है। या यु कहिये यह गीत उत्तराखंड का पहला अघोषित राज्य गीत है। जब कोई उत्तराखंड का निवासी कही अपनी पहचान बताता है तो , बेडू पाको बारो मासा गीत से स्वयं को जोड़ कर खुद का परिचय देता है। आज इस लेख में इसी प्रसिद्ध गीत के बारे में संक्षिप्त जानकारी व् बेडू पाको बारोमासा  गीत के बोल (bedu pako song lyrics hindi ) संकलित कर रहे हैं।

बेडू पाको बारोमासा

स्वर्गीय श्री बिजेंद्र लाल शाह मंच पर गीत प्रस्तुत करते हुए।

बेडू पाको बारो मासा सांग लिरिक्स || Bedu Pako baro Masa song lyrics ;-

बेडू पाको बारो मासा ,

 नरेण काफल पाको चैत मेरी छैला।

बेडू पाको बारो मासा ,

ओ नरेण काफल पाको चैत मेरी छैला।।

रुणा  भूणा  दिन आया ,

नरेण को जा मेरी मैता ,मेरी छैला।

अल्मोड़े की नंदा देवी ,

नरेण फुल चढूनी पाती ,मेरी छैला।

जैसी तीले बोली मारी ,

ओह नरेण धन्य मेरी छाती मेरी छैला।

बेडू पाको बारो मासा ,

ओ नरेण काफल पाको चैत मेरी छैला।

नैनीताल की नंदा देवी ,

नरेण फुल चढूनी पाती ,मेरी छैला।

बेडू पाको बारो मासा ,

ओ नरेण काफल पाको चैत मेरी छैला।

तेरी खुटी को कान बूड़ो ,

नरेण मेरी खुटी में पीड़ा ,मेरी छैला।

बेडू पाको बारो मासा ,

ओ नरेण काफल पाको चैत मेरी छैला।

अल्मोड़े की लाल बजारा ,-2

नरेण पाथरे की सीणी मेरी छैला।

आपु खानी पान सुपारी ,-2

ओ नरेण मैकू दीनी  बीड़ी मेरी छैला।

बेडू पाको बारो मासा ,

ओ नरेण काफल पाको चैत मेरी छैला।

श्री बिजेंद्र लाल शाह ,-2

यो तनोरो गीत मेरी छैला।

बेडू पाको बारो मासा। ……………..

Original bedu pako baro masa song video | बेडू पाको ओरिजनल गीत ,गोपाल बाबू गोस्वामी की आवाज में –

महत्वपूर्ण जानकारी गीत के बारे में ( About Bedu pako baro masa song )

मित्रो उपरोक्त पंक्तियाँ स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी जी द्वारा गाये गीत से ली गई हैं।  अभी तक इस गीत के कई संस्करण बन गए हैं। कई गायको ने इसके अलग अलग वर्जन भी बना दिए गए हैं। बेडु पको गीत मूलतः कुमाऊनी लोक गीत है। अब इसका गढ़वाली वर्जन भी उपलब्ध है। बेडू पाको गीत के रचियता स्व श्री बिजेंद्र लाल शाह जी हैं। और इसका संगीत स्व श्री मोहन उप्रेती और बृजमोहन शाह ने बनाया था। इस प्रसिद्ध उत्तरांचली लोक गीत को पहली बार 1952 में राजकीय इंटर कालेज नैनीताल में गाया गया था। तत्पश्यात दिल्ली की एक अंतर्राष्ट्रीय सभा में इसकी पहली रिकॉर्डिंग सम्मान में बजाई गई। इसकी रिकॉर्डिंग hmv द्वारा बनाई गई थी। कहते है , भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू जी का प्रिय गीत था।कहते हैं नेहरू जी ने मोहन उप्रेती जी को ‘बेडू पाको बॉय ‘ का नाम दिया था।  अभी तक के सभी गीतों में ,स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी जी और स्वर्गीय नईमा खान उप्रेती जी  द्वारा गाया  हुवा गीत original bedu pako song माना जाता है।

नईमा खान उप्रेती , उत्तराखंड की पहली मुस्लिम लोकगायिका का जीवन परिचय

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