लालकुआं: क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते उफान पर आई गौला नदी ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। नदी के तीव्र जलस्तर और भीषण भू-कटाव से किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। इंदिरा नगर प्रथम-द्वितीय, गब्दा, रावत नगर और खुरियाखत्ता क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी के तेज बहाव में सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन समा चुकी है और कई आवासीय मकान भी कटाव के मुहाने पर खड़े हैं। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर प्रभावित ग्रामीण बीते कई दिनों से नदी किनारे धरने पर डटे रहे।
विधायक के प्रति नाराजगी, घेराव की दी चेतावनी
धरना स्थल पर जुटे ग्रामीणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषकर क्षेत्रीय विधायक के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुरक्षा दीवार निर्माण और राहत कार्यों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे विधायक आवास का घेराव करेंगे।
वन अधिकार संगठन ने उठाई आवाज, सीएम को भेजा ज्ञापन
धरने के दौरान वन अधिकार संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अधिकार मिलने के बावजूद कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है।
भट्ट ने तकनीकी पहलू की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि हाथी कॉरिडोर प्रभावित क्षेत्रों में खनन (चुगान) नहीं होने से नदी का तल काफी ऊंचा हो गया है। इस कारण नदी का पानी किनारों की तरफ रुख कर रहा है और किनारे कट रहे हैं। संगठन ने सरकार से तत्काल सुरक्षा कार्यों के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करने की मांग की।
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एसडीएम के आश्वासन के बाद शांत हुआ आंदोलन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) रेखा कोहली, तहसीलदार और स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। एसडीएम ने प्रभावित ग्रामीणों से वार्ता कर ज्ञापन को जिलाधिकारी के मार्फत मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। साथ ही, उन्होंने कटाव से प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित आश्रय और भोजन आदि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना धरना स्थगित किया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत सिंह बिष्ट, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी और प्रकाश उत्तराखंडी समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


