ऐ जा माता मन मा – गढ़वाल की पवित्र भूमि में माता भगवती के भजन एक अलग ही भाव और ऊर्जा लेकर आते हैं। “ऐ जा माता मन मा” एक बेहद लोकप्रिय गढ़वाली भजन है, जो भक्तों के हृदय की श्रद्धा और माता के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। इस भजन में भक्त माता से अपने मन में विराजने की प्रार्थना करता है।
सुरकंडा माता की लोक कहानी देखिये –
अगर आप “माता के गढ़वाली भजन लिरिक्स”, Aja Mata Man Ma Garhwali Bhajan Lyrics, या ऐ जा माता मन मा lyrics खोज रहे हैं, तो यहां आपको पूरा और सही लिरिक्स मिलेगा।
Table of Contents
ऐ जा माता मन मा – गढ़वाली भजन लिरिक्स ( Garhwali bhajan Lyrics)
ऐजा माता मने मां बसि माला दिले मां….२
जगा खाली च, छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
धूप दीप जोत माता, जगी तेरा दरवार मां।
तेरा नो कु भोग माता, रखि तेरा दरवार मा।।
ऐजा माता चलि क, सौ श्रृंगार करि क…!
जागि रौलू मां…छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
ऐजा माता मने मां बसि माला दिले मां….२
जगा खाली च, छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
हाथ की चुडी माथा बिन्दुली, चुनरी रखी मा तैतै लुके क
सिरफल भेंट मुंड मुकुट, पूँजा की थाली रखि सजे क
घुंघरू छिन खुट्यों माँ, सुरुमा छई आँख्यों मा..
कानों की बाली मा…२
छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
ऐजा माता मने मां बसि माला दिले मां….२
जगा खाली च, छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
दो ना चार सौ ना हजार, लाखो छन मा भक्त तेरा माँ।
क्वी परेशान क्वी महान, आस ले आया तेरा दरवार मां।।
दे दे माता शरण
कर हे माता दुरा: हरण
याद रौली मां…..
छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
ऐजा माता मने मां बसि माला दिले मां….२
जगा खाली च, छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
गौरी हो या दुर्गा जय अम्बा, भगवती मेरी माता जगदम्बा।
ज्योति ज्वाला ज्योत जली मां, कुंजापुरी मा, माता सुरकण्डा।।
देवी रूप अईजा दर्शन दिखे जा….
मेरी दुर्गा माता मां. 2.
छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
ऐजा माता मने मां बसि माला दिले मां….२
जगा खाली च, छप्प छपि जिकुड़ि मा
एै शेरावाली मां…..२
गढ़वाली भजन का भावार्थ (Meaning of the Garhwali Bhajan)-
इस भजन में भक्त माता रानी से विनती करता है कि वे उसके मन में आकर निवास करें। “जगा खाली च” का अर्थ है कि भक्त का हृदय माता के लिए खाली और तैयार है।
भजन में माता के श्रृंगार, पूजा, और उनकी महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है, साथ ही यह भी बताया गया है कि लाखों भक्त अपनी-अपनी इच्छाओं के साथ माता के दरबार में आते हैं।
निष्कर्ष –
“ऐ जा माता मन मा” गढ़वाली भजन सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि एक गहरी भक्ति भावना है, जो सीधे दिल को छू जाती है। अगर आप माता के भजनों के शौकीन हैं, तो यह भजन आपकी भक्ति को और भी मजबूत करेगा। यह एक पारम्परिक गढ़वाली भजन है। इसके लेखक अभी अज्ञात हैं। लेखक की जानकारी मिलते ही विस्तार से प्रकाशित करेंगे।
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