Uttarakhand Weather Update | मार्च 09, 2026: उत्तराखंड में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां मैदानी इलाकों में चटख धूप और बढ़ते तापमान ने समय से पहले गर्मी का अहसास करा दिया है, वहीं दूसरी ओर ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों के डेरे और बारिश-बर्फबारी की सुगबुगाहट बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने मध्य मार्च के लिए ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ों पर बारिश और हिमपात की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के पांच पर्वतीय जिलों— उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
- पूर्वानुमान: 9 मार्च से 14 मार्च के बीच इन जिलों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
- बर्फबारी: 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात (Snowfall) होने के आसार हैं।
- मैदानी क्षेत्र: देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर समेत अधिकांश मैदानी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।
असामान्य रूप से बढ़ता तापमान
इस साल मार्च की शुरुआत से ही तापमान में भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाले आंकड़े पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे हैं, जहाँ पारा सामान्य से काफी ऊपर चला गया है।
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मुक्तेश्वर में गर्मी का रिकॉर्ड: कुमाऊं के हिल स्टेशन मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 28.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 12 डिग्री सेल्सियस अधिक है। यह तापमान मैदानी शहरों के स्तर को छू रहा है, जो पर्यावरणविदों के लिए चिंता का विषय है।
प्रमुख शहरों का तापमान एक नजर में:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| देहरादून | 30.9 | 18.4 |
| ऊधमसिंह नगर | 30.7 | 15.8 |
| मुक्तेश्वर | 28.2 | 9.3 |
| नई टिहरी | 22.4 | 10.3 |
धूप और छांव की आंख-मिचौली
राजधानी देहरादून समेत आसपास के इलाकों में रविवार को बादलों की आवाजाही बनी रही। दिनभर खिली धूप के बाद शाम को ठंडी हवाओं ने बढ़ती तपिश से कुछ राहत तो दी, लेकिन बारिश न होने से उमस महसूस की गई। हालांकि, कुमाऊं के पिथौरागढ़ और बागेश्वर में हुई हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को थोड़ा खुशनुमा बना दिया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में इस तरह का उतार-चढ़ाव प्राकृतिक बदलाव का हिस्सा है, लेकिन पहाड़ों में अचानक होने वाली गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
