चारधाम यात्रा 2026 | श्रद्धा, आस्था और दिव्यता के संगम के साथ आज ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच आज प्रातः 8 बजे मंदिर के द्वार खुले, जिसके साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा ने अपनी पूरी दिव्यता के साथ गति पकड़ ली है।
प्रधानमंत्री के नाम हुई पहली पूजा
परंपरा के अनुसार, कपाट खुलने के पश्चात पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं धाम में उपस्थित रहे। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
पुष्प वर्षा और सेना के बैंड ने बांधा समां
कपाटोद्घाटन का दृश्य बेहद अलौकिक था:
- 51 क्विंटल फूल: पूरे मंदिर परिसर को क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था।
- हेलीकॉप्टर से वर्षा: द्वार खुलते ही आसमान से फूलों की वर्षा की गई।
- सिख रेजिमेंट का बैंड: सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों ने वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया।
रिकॉर्ड तोड़ यात्रा की उम्मीद
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ने यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हुए पुनर्निर्माण कार्यों की भी सराहना की, जिससे केदारपुरी का स्वरूप अब और भी भव्य हो गया है।
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विधि-विधान से हुई प्रक्रिया
कपाट खुलने की प्रक्रिया आज तड़के 5 बजे से ही शुरू हो गई थी। रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर और अन्य धर्माचार्यों की उपस्थिति में गर्भगृह में विधिवत पूजा की गई। इससे पूर्व, भगवान की पंचमुखी उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास उखीमठ से विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए धाम पहुंची थी।
इस ऐतिहासिक क्षण पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विधायक आशा नौटियाल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और हजारों की संख्या में भावुक श्रद्धालु उपस्थित रहे। बाबा के द्वार खुलने के साथ ही अब उत्तराखंड की पहाड़ियां तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

