देहरादून: उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित जनगणना प्रक्रिया की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्वीकृति के बाद राज्य में प्रथम चरण की जनगणना की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना का पहला चरण 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 24 मई 2026 तक चलेगा।
इस पहले चरण में मुख्य रूप से मकानों की गणना (House Listing) की जाएगी। राज्य प्रशासन ने इस बार तकनीक का लाभ उठाते हुए जनता को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है।
पोर्टल के जरिए खुद कर सकेंगे गणना
जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार आम जनता को ‘स्व गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प दिया जा रहा है।
- समय सीमा: 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक (15 दिन)।
- प्रक्रिया: इसके लिए जल्द ही एक समर्पित पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।
- लाभ: लोग घर बैठे पोर्टल पर लॉगिन करके अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारियां डिजिटल रूप से दर्ज कर सकेंगे।
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33 सवालों के देने होंगे जवाब
डिजिटल पोर्टल या प्रगणकों (Enumerators) के माध्यम से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें मकान की बनावट से लेकर परिवार की सुख-सुविधाओं तक का विवरण शामिल होगा। मुख्य सवाल निम्नलिखित श्रेणियों पर आधारित होंगे:
- मकान का विवरण: भवन नंबर, फर्श, दीवार और छत में प्रयुक्त सामग्री (मिट्टी, सीमेंट, पत्थर आदि), और मकान की वर्तमान स्थिति।
- परिवार की जानकारी: कुल सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, जाति श्रेणी और वैवाहिक दंपतियों की संख्या।
- मूलभूत सुविधाएं: पेयजल का स्रोत (नल, हैंडपंप), बिजली का स्रोत (सोलर या ग्रिड), शौचालय का प्रकार, जल निकासी व्यवस्था और रसोई गैस (LPG/PNG) कनेक्शन।
- संपत्ति और गैजेट्स: रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, मोबाइल फोन के साथ-साथ वाहन (साइकिल, स्कूटर, कार) की उपलब्धता।
- अन्य: परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज और केवल आधिकारिक सूचना हेतु मोबाइल नंबर।
प्रशासनिक तैयारियां पूरी
जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी दीपक कुमार ने आश्वासन दिया है कि राज्य में इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक तरीके से संपन्न कराया जाएगा। मकानों के स्वामित्व की स्थिति और कमरों की उपलब्धता जैसे आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे।
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विशेष टिप: यदि आप लंबी लाइनों या प्रगणकों के घर आने के इंतजार से बचना चाहते हैं, तो 10 अप्रैल से खुलने वाले पोर्टल का उपयोग कर ‘स्व गणना’ विकल्प चुनना एक स्मार्ट कदम होगा।
