Chamoli Tunnel Accident: जनपद चमोली के मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में भारी मलबा और पानी घुसने से एक बड़ा हादसा हो गया है। घटना के बाद से ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। खराब मौसम के बावजूद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हादसे का कारण और वर्तमान स्थिति
टीएचडीसी की इस निर्माणाधीन टीआरटी (TRT) टनल की कुल लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में अचानक भूधंसाव होने के कारण भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। इस अचानक आई आपदा के चलते टनल के भीतर काम कर रहे कई मजदूर अंदर ही फंस गए।
राहत एवं बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार की निगरानी में रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बचाव कार्य में एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP), पुलिस और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ टीमें पूरी सावधानी और समन्वय के साथ जुटी हुई हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन के प्रमुख आंकड़े:
| विवरण | संख्या |
| टनल में फंसे कुल लोग (शुरुआती सूचना) | 22 |
| सुरक्षित निकाले गए लोग | 19 |
| लापता/फंसे हुए लोग (जिनकी तलाश जारी है) | 3 |
| हादसे में मृतकों की संख्या | 7 |
| सुरक्षित बचावकर्मी (जो रेस्क्यू के लिए अंदर गए) | 6 |
नोट: सभी घायलों को त्वरित उपचार के लिए जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेजा गया है, जहाँ चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
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सीएम धामी का स्थलीय निरीक्षण और निर्देश
बेहद खराब मौसम और हेलीकॉप्टर लैंडिंग की मुश्किल परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने निम्नलिखित कदम उठाए:
- टनल का निरीक्षण: मुख्यमंत्री ने स्वयं टनल के अंदर जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत जानी।
- अधिकारियों को निर्देश: सीएम ने प्रशासन और सभी रेस्क्यू एजेंसियों (NDRF, SDRF, ITBP) को निर्देश दिए कि टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का पूरा उपयोग किया जाए।
- परिजनों की सहायता: उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि घायलों के उपचार और उनके परिजनों की सहायता में किसी भी प्रकार की कोई कमी या लापरवाही न हो।
अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
घटनास्थल का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर पहुंचे। वहां उन्होंने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से चिकित्सा सुविधाओं और घायलों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।
मौके पर मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी व जनप्रतिनिधि
इस पूरे राहत और बचाव अभियान के दौरान जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार के साथ-साथ कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी मौके पर डटे रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- जनप्रतिनिधि: जनपद प्रभारी मंत्री श्री भरत चौधरी, थराली विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दौलत सिंह बिष्ट, दायित्वधारी श्री हरक सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती नवानी और सभासद श्री राजा जोशी।
- प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी: आपदा सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, एसपी श्री सुरजीत सिंह पंवार, एसडीएम श्री राजकुमार पांडेय और श्री चंद्रशेखर वशिष्ठ।
प्रशासन द्वारा लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि टनल के भीतर जमे मलबे और पानी की चुनौती से निपटते हुए जल्द से जल्द अंतिम फंसे हुए व्यक्ति तक पहुंचा जा सके।


