Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में अगले सात दिनों तक बारिश, गर्जना और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से 15 और 16 मार्च को विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रमुख चेतावनी: झक्कड़ और ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 15 और 16 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा:
- पहाड़ी जिले: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गर्जना के साथ बिजली चमकने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ियों में कहीं-कहीं तीव्र बारिश (Intense Spell) भी हो सकती है।
- मैदानी और निचले क्षेत्र: हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चम्पावत जिलों के लिए गंभीर चेतावनी है। यहाँ बिजली चमकने के साथ-साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) और 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से झक्कड़ (Squall) चलने के आसार हैं।
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7 दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान
इमेज में दिए गए नक्शों के अनुसार, वर्षा का वितरण इस प्रकार रहेगा:
- 13 मार्च (आज): उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बहुत हल्की बारिश (VL) हो सकती है, जबकि बाकी जिले शुष्क रहेंगे।
- 14 मार्च: पहाड़ी जिलों में बारिश का दायरा बढ़ेगा और हवा की गति 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
- 15-16 मार्च: ये दो दिन सबसे संवेदनशील हैं। राज्य के अधिकांश (76-100%) हिस्सों में मध्यम बारिश (LM) और तेज हवाओं का अनुमान है।
- 17-19 मार्च: 17 मार्च से बारिश में कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन 19 मार्च तक मध्यम वर्षा (LM) का दौर जारी रह सकता है।
प्रशासन की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने को कहा है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ें, क्योंकि तीव्र बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
