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उत्तराखंड समूह ग 2023 – उत्तराखंड में रोजगार के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए खुशखबरी !

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उत्तराखंड में रोजगार की आस में बैठे युवाओं के लिए ख़ुशख़बरी आई है। उत्तराखंड समूह ग 2023 (Uttarakhand group C vacancy 2023) की भर्तियों के क्रम में 10 जुलाई 2023 को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने, उत्तराखण्ड रेशम विभाग के अंतर्गत सहकारिता पर्वेक्षक के लिए 2 पदों, और शहरी विकास विभाग उत्तराखंड के अंतर्गत विभिन्न निकायों /निगमों में पर्यावरण पर्वेक्षक के 53 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित कियें हैं। इसके इच्छुक अभ्यर्थी 10 जुलाई 2023 से 31 जुलाई 2023 तक ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं।

उत्तराखंड समूह ग 2023 सहकारिता पर्वेक्षक और पर्यावरण पर्वेक्षक से संबंधित प्रमुख तिथियां-

  • विज्ञापन प्रकाशित होने की तिथि – 10 जुलाई 2023
  • ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि – 10 जुलाई 2023
  • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि – 31 जुलाई 2023

उत्तराखंड समूह ग 2023

अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता-

अभ्यर्थियों को 12वी विज्ञान वर्ग से पास होना चाहिए।

सहकारिता पर्वेक्षक और पर्यावरण पर्वेक्षक के लिए आवश्यक आयु सीमा :- उत्तराखंड समूह ग 2023 भर्ती सहकारिता पर्वेक्षक और शहरी विकास में पर्यावरण पर्वेक्षक पदों के लिए आयु गणना तिथि 01 जुलाई 2023 है। इन पदों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निश्चित की गई है।

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उत्तराखंड समूह ग 2023 भर्ती सहकारिता पर्यवेक्षक / पर्यावरण पर्यवेक्षक पद पर चयन हेतु परीक्षा योजना –

उपरोक्त पदों में चयन के लिए 100 नंबर की वस्तुनिष्ठ प्रकार की 2 घंटे की लिखित परीक्षा होगी । जिसमें 25 नंबर के सामान्य अध्ययन व सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे जाएंगे। और 75 नंबर के विषयपरक सवाल पूछे जाएंगे।

Uttarakhand samuh g bharti 2023 में  उपरोक्त पदों में भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान सम्मलित हैं । मतलब परीक्षा में 75 % सवाल विषय से पूछे जाएंगे। उपरोक्त परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative marking) पद्धति अपनाई जायेगी। अभ्यर्थी द्वारा प्रत्येक प्रश्न के लिए दिये गये गलत उत्तर के लिए या अभ्यर्थी द्वारा एक ही प्रश्न के एक से अधिक उत्तर देने के लिए (चाहे दिये गये उत्तर में से एक सही ही क्यों न हो), उस प्रश्न के लिए निर्धारित अंकों का एक चौथाई (1 / 4) दण्ड के रूप में काटा जायेगा।

सहकारी पर्वेक्षक और पर्यावरण पर्वेक्षक भर्ती के बारे में विस्तार से जानकारी और विज्ञापन डाऊनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें !

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बिक्रम सिंह भंडारी, देवभूमि दर्शन के संस्थापक और प्रमुख लेखक हैं। उत्तराखंड की पावन भूमि से गहराई से जुड़े बिक्रम की लेखनी में इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर, और प्राकृतिक सौंदर्य की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। उनकी रचनाएँ उत्तराखंड के खूबसूरत पर्यटन स्थलों और प्राचीन मंदिरों का सजीव चित्रण करती हैं, जिससे पाठक इस भूमि की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित होते हैं। साथ ही, वे उत्तराखंड की अद्भुत लोककथाओं और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। बिक्रम का लेखन केवल सांस्कृतिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि वे स्वरोजगार और स्थानीय विकास जैसे विषयों को भी प्रमुखता से उठाते हैं। उनके विचार युवाओं को उत्तराखंड की पारंपरिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास के नए मार्ग तलाशने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी लेखनी भावनात्मक गहराई और सांस्कृतिक अंतर्दृष्टि से परिपूर्ण है। बिक्रम सिंह भंडारी के शब्द पाठकों को उत्तराखंड की दिव्य सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की अविस्मरणीय यात्रा पर ले जाते हैं, जिससे वे इस देवभूमि से आत्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं।

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