पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के गणकोट क्षेत्र में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब सिक्किम में तैनात 19 वर्षीय जांबाज सैनिक विकास कुमार के शहीद होने की खबर आई। 19 कुमाऊं रेजीमेंट के लांस नायक विकास कुमार बीते 29 मार्च को सीमा पर गश्त के दौरान आए एक भीषण हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे।
गश्त के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, विकास कुमार अपने दो अन्य साथियों के साथ सिक्किम बॉर्डर पर नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आए बर्फीले तूफान और हिमस्खलन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उनके दो साथी सुरक्षित बच निकलने में सफल रहे, लेकिन विकास कुमार ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
महज 19 वर्ष की उम्र में शहादत पाने वाले विकास कुमार अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में निम्नलिखित सदस्य हैं:
- पत्नी: प्रीति
- पुत्र: 8 माह का मासूम बेटा
- माता-पिता: मंजू देवी और गणेश राम
शहादत की खबर मिलते ही सुकोली गांव और पूरे गणकोट क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। 8 महीने के बेटे के सिर से पिता का साया उठने की खबर ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।
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पैतृक गांव लाया जा रहा पार्थिव शरीर
शहीद का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ जम्मू-कश्मीर से विमान द्वारा दिल्ली लाया जा रहा है। दिल्ली से सेना की एंबुलेंस के जरिए उनके पार्थिव शरीर को पिथौरागढ़ स्थित पैतृक गांव सुकोली लाया जाएगा, जहाँ पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
“शहीद की शहादत को नमन। पिथौरागढ़ ने अपना एक और वीर सपूत देश सेवा में खो दिया है, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती।”
