उत्तराखंड में बर्फबारी और हिमस्खलन का साया: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के बदले मिजाज और भारी बर्फबारी के बाद अब हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा मंडराने लगा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र, देहरादून ने आगामी दिनों में खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य बिंदु और जारी दिशा-निर्देश:
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने को कहा गया है:
- सतर्कता और निगरानी: सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों (Avalanche Prone Areas) की निरंतर निगरानी करें।
- आवाजाही पर प्रतिबंध: बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही को रोकने और ऊंचे ढलानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
- संसाधनों की तैनाती: आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF/NDRF) और मशीनरी को संवेदनशील स्थानों पर ‘स्टैंडबाय’ मोड पर रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
- स्थानीय प्रशासन को निर्देश: राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत सचिवों को अपने क्षेत्रों में बने रहने और ग्रामीणों को जागरूक करने को कहा गया है।
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केदारनाथ और बदरीनाथ में भारी बर्फबारी
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, केदारनाथ धाम में लगभग 4 फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है, जबकि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की पहाड़ियां भी सफेद चादर से ढकी हुई हैं। भारी हिमपात के कारण कई संपर्क मार्ग बाधित होने की संभावना है, जिसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) और BRO को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आम जनता के लिए सलाह
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि:
- मौसम की आधिकारिक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।
- हिमस्खलन संभावित ढलानों के नीचे रुकने या वाहन खड़े करने से बचें।
- आपात स्थिति में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र या 1077 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें।
