देहरादून: दशकों से लंबित बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव घोषित करने की मांग अब पूर्ण होने की दिशा में बढ़ रही है। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इस संबंध में निर्णायक निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव बनाने का औपचारिक प्रस्ताव आगामी 25 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश
सचिवालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में बिंदुखत्ता के भविष्य को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले के समाधान के लिए गंभीर है और उन्होंने राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों को समन्वय के साथ फाइल तैयार करने के आदेश दिए।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
बैठक में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी:
- प्रशासनिक अधिकारी: प्रमुख सचिव वन श्री आर. के. सुधांशु, सचिव वन श्री सी. रविशंकर, सचिव राजस्व श्री अमिताभ श्रीवास्तव, और HOFF श्री रंजन एवं श्रीमती कल्याणी उपस्थित रहीं।
- जनप्रतिनिधि: लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने क्षेत्र की जनता का पक्ष मजबूती से रखा।
- सामाजिक एवं राजनैतिक नेतृत्व: वरिष्ठ नेता श्री कुंदन चुफाल, श्री जगदीश पंत, श्री प्रकाश आर्य, श्री मनीष बोरा और पूर्व सैनिक श्री सुंदर सिंह खनका भी चर्चा में शामिल रहे।
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क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव का दर्जा मिलने से यहाँ के निवासियों को भूमि के मालिकाना हक के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। वर्तमान में वन भूमि की पेचीदगियों के कारण विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में कई तकनीकी बाधाएं आती रही हैं।
अगला कदम: आगामी 25 फरवरी को होने वाली कैबिनेट की मुहर के बाद, दशकों पुराने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय की उम्मीद की जा रही है।
