Uttarakhand Weather Alert, 27 अप्रैल 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून ने उत्तराखंड राज्य के लिए अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। राज्य में मौसम के दो बिल्कुल विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर मैदानी इलाकों में लोग चिलचिलाती धूप और हीटवेव (लू) से बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तूफान का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
मैदानी इलाकों में हीटवेव और वनाग्नि (Forest Fire) का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, आज (27 अप्रैल) उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक है। इसके कारण हीट स्ट्रोक, हीट क्रैम्प्स, और निर्जलीकरण (Dehydration) जैसी स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। मौसम शुष्क रहने और उच्च तापमान के कारण पौड़ी, देहरादून और टिहरी जिलों के जंगलों में आग लगने (Forest Fire) की प्रबल संभावना जताई गई है। राज्य सरकार और संबंधित विभागों को आग की घटनाओं पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी गई है।
28 और 29 अप्रैल: पहाड़ों पर मौसम का रौद्र रूप
28 और 29 अप्रैल को मौसम करवट लेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। 4000 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने इन दो दिनों के लिए गंभीर चेतावनी (ऑरेंज/येलो अलर्ट) जारी की है:
- क्या होगा: गरज के साथ आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, झोंकेदार हवाएं और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर (Intense Spells) आने की संभावना है।
- प्रभाव: बिजली गिरने से जान-माल का नुकसान हो सकता है। ओलावृष्टि से बागवानी और खड़ी फसलों को भारी क्षति पहुंच सकती है। झोंकेदार हवाओं से कच्चे मकानों को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, तीव्र वर्षा के कारण पहाड़ों और खड़ी पहाड़ियों पर अचानक तेजी से पानी आ सकता है, जिससे भूस्खलन (Landslide) और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा है।
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30 अप्रैल से 3 मई तक का पूर्वानुमान
30 अप्रैल से लेकर 3 मई तक पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान मैदानी इलाकों में भी कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी से गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है, हालांकि 30 अप्रैल तक गरज के साथ झोंकेदार हवाओं का अलर्ट जारी रहेगा।
मौसम विभाग की महत्वपूर्ण एडवाइजरी (बचाव एवं सुझाव):
मौसम के इन चरम बदलावों को देखते हुए आम जनता और किसानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- गर्मी से बचाव: मैदानी इलाकों के लोग दोपहर 1:00 बजे से 4:00 बजे के बीच सीधे धूप में जाने से बचें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- किसानों के लिए: फसलों को उष्मागत तनाव से बचाने के लिए नियमित सिंचाई करें। पहाड़ों पर अपनी कटी हुई उपज को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रखें और पेड़ों को ओलों से बचाने के लिए ओला-रक्षक जाल (Hail nets) का प्रयोग करें।
- तूफान और बिजली से बचाव: आंधी-तूफान या आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या असुरक्षित कच्चे मकानों में शरण बिल्कुल न लें। पक्के मकानों के अंदर रहें और खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें।
- जानवरों की सुरक्षा: खराब मौसम के दौरान मवेशियों और जानवरों को खुले में बाहर न बांधें।
- भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
