पौड़ी गढ़वाल। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनपद पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में ‘बजट पूर्व संवाद’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रदेश भर से आए जनप्रतिनिधियों, किसानों, उद्यमियों, और विभिन्न हितधारकों ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर अपने व्यावहारिक सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि वर्ष 2047 तक ‘आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड’ के निर्माण का एक ठोस रोडमैप होगा।
जन-जन की भागीदारी से बनेगा ‘जनहितकारी’ बजट
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक उद्देश्य एक ऐसा बजट तैयार करना है जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं और क्षेत्रीय विशेषताओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा, “बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना हमारा संकल्प है। हम चाहते हैं कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।”
संवाद में उभरे प्रमुख सुझाव: गाँव से शहर तक का खाका
संवाद के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और हितधारकों ने राज्य के विकास के लिए कई दूरदर्शी सुझाव दिए:
- ग्रामीण एवं शहरी विकास: ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के लिए अनुदान बढ़ाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने और बंजर भूमि के उत्पादक उपयोग पर जोर दिया गया। वहीं, शहरों के लिए ‘सोलर सिटी’ की अवधारणा और पार्किंग व्यवस्था में सुधार के सुझाव प्रमुख रहे।
- कृषि एवं बागवानी: किसानों ने जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, कोल्ड स्टोरेज की स्थापना और क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने की मांग की। कृषि को लाभ का सौदा बनाने के लिए जिला स्तर पर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
- महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार: महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण देने और प्रत्येक जनपद में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई।
- उद्योग और निवेश: पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए पूंजीगत सब्सिडी, मशीनरी पर छूट और स्थानीय उत्पादों पर आधारित लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने की बात कही गई।
सशक्त अर्थव्यवस्था और आधुनिक तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में होमस्टे और निवेश के नए अवसरों से स्थानीय रोजगार में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने मत्स्य पालन के लिए ‘बायोफ्लॉक’ जैसी आधुनिक तकनीकों और जैविक खाद उत्पादन को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह भी पढ़े: देवभूमि का आमंत्रण: Chardham Yatra 2026 के लिए तैयार हो जाइए !
“प्राप्त हुए सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। हमारा लक्ष्य एक ऐसा बजट प्रस्तुत करना है जो आकार में व्यापक और प्रभाव में ठोस हो।” – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनसहभागिता से तैयार होने वाला यह बजट राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा। वित्तीय अनुशासन को बनाए रखते हुए सरकार का ध्यान अब पर्वतीय कृषि, पर्यटन और महिला आत्मनिर्भरता के जरिए उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा करना है।

