Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड की पावन धरा पर ‘मोक्ष’ की राह कहे जाने वाले चारधाम यात्रा 2026 का बिगुल बज चुका है। हिमालय की चोटियों पर बसे चार पवित्र मंदिरों—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—के कपाट खुलने की आधिकारिक घोषणा ने श्रद्धालुओं के बीच उत्साह की लहर दौड़ दी है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि प्रकृति और आध्यात्म के संगम का अनुभव भी है।
यात्रा का शुभारंभ: शुभ मुहूर्त और तिथियाँ
अक्षय तृतीया के पावन अवसर से शुरू होने वाली इस यात्रा का कार्यक्रम धार्मिक अनुष्ठानों और पंचांग की गणना के आधार पर तय किया गया है। 2026 के लिए मुख्य तिथियाँ इस प्रकार हैं:
| धाम | कपाट खुलने की तिथि | कपाट बंद होने की संभावित तिथि |
| यमुनोत्री | 19 अप्रैल 2026 | 11 नवंबर 2026 |
| गंगोत्री | 19 अप्रैल 2026 | 10 नवंबर 2026 |
| केदारनाथ | 22 अप्रैल 2026 | 11 नवंबर 2026 |
| बद्रीनाथ | 23 अप्रैल 2026 | 13 नवंबर 2026 |
पंच केदार और हेमकुंड साहिब: श्रद्धा के अन्य पड़ाव
चारधाम के अतिरिक्त, उत्तराखंड में पंच केदार और सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब का भी विशेष महत्व है। इस वर्ष इन मंदिरों के द्वार खुलने का समय निम्नलिखित है:
- तुंगनाथ जी: 2 मई 2026 (दुनिया का सबसे ऊँचा शिव मंदिर)
- रुद्रनाथ जी: 18 मई 2026
- मध्यमहेश्वर जी: 21 मई 2026
- हेमकुंड साहिब: 25 मई 2026
- कल्पेश्वर महादेव: यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पूरे वर्ष खुला रहता है।
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यात्रा की नई नियमावली और सुविधाएँ
2026 की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने कुछ विशेष प्रबंध किए हैं:
- अनिवार्य पंजीकरण: भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के मद्देनजर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण के यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
- स्वास्थ्य और पर्यावरण: इस बार श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य परीक्षण (Health Check-up) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, हिमालयी पारिस्थितिकी को बचाने के लिए ‘ईको-फ्रेंडली’ यात्रा पर जोर दिया जाएगा।
- परिवहन सुविधा: दुर्गम रास्तों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की अग्रिम बुकिंग और विशेष पैकेज टूर उपलब्ध कराए गए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- मौसम का पूर्वानुमान: पहाड़ों पर मौसम पल भर में बदलता है, इसलिए गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखें।
- शारीरिक फिटनेस: केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे स्थानों के लिए लंबी पैदल चढ़ाई करनी होती है, अतः यात्रा से पहले नियमित व्यायाम लाभकारी होगा।
- आधिकारिक जानकारी: सटीक जानकारी और पंजीकरण के लिए हमेशा उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट का ही सहारा लें।
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यह यात्रा केवल एक गंतव्य तक पहुँचने के बारे में नहीं है, बल्कि यह स्वयं को खोजने की एक आध्यात्मिक यात्रा है। यदि आप भी 2026 में हिमालय के इन पावन धामों के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो समय पर बुकिंग करना सुनिश्चित करें।
