कुंभ 2027: राज्य में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों को अब विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार को सचिव ने देहरादून से लेकर हरिद्वार तक विभिन्न राजकीय गेस्ट हाउसों का सघन निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए।
बीजापुर गेस्ट हाउस: तीन चरणों में होगा नवीनीकरण
देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित ‘बीजापुर राज्य अतिथि गृह’ के निरीक्षण के दौरान सचिव ने भवन की सिविल और विद्युत व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने इसके कायाकल्प को तीन चरणों में विभाजित किया है:
- प्रथम चरण: वीवीआईपी कक्षों का उन्नयन, क्षतिग्रस्त फर्नीचर को बदलना और फायर सेफ्टी सिस्टम को अत्याधुनिक बनाना।
- द्वितीय चरण: प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) में सुधार और बालकनियों का सौंदर्यीकरण।
- तृतीय चरण: ड्रॉइंग रूम, गार्ड कक्ष और खुले प्रांगण की मरम्मत।
ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल: 5 करोड़ से अधिक के विकास कार्य जारी
रेसकोर्स स्थित ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल में सुविधाओं के विस्तार के लिए भारी बजट आवंटित किया गया है। सचिव ने बताया कि:
- लगभग 2.33 करोड़ रुपये से रंगाई-पुताई, शौचालय नवीनीकरण और जलापूर्ति मरम्मत का कार्य चल रहा है।
- 2.95 करोड़ रुपये फर्नीचर, फर्निशिंग और विद्युत कार्यों पर व्यय किए जा रहे हैं।
- पुरानी लिफ्ट को हटाकर आधुनिक लिफ्ट लगाई जाएगी और पार्किंग के पास 9 नए डबल/सूट कक्ष बनाए जाएंगे।
कुंभ 2027 पर फोकस: हरिद्वार के अतिथि गृहों की सुधरेगी स्थिति
आगामी कुंभ मेला 2027 की महत्ता को देखते हुए सचिव ने हरिद्वार स्थित ‘अटल बिहारी वाजपेई राजकीय अतिथि गृह’ (मायापुर) का भी निरीक्षण किया। छत से पानी टपकने और सीलन की समस्या पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ से पहले सभी व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूर्ण होनी चाहिए।
“अतिथि गृह केवल ईंट-पत्थर के भवन नहीं हैं, बल्कि ये उत्तराखंड की ‘अतिथि देवो भव’ की महान परंपरा और हमारी आतिथ्य संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग
निरीक्षण के दौरान राज्य संपत्ति अधिकारी, मुख्य व्यवस्थाधिकारी और आवास एवं सिविल/विद्युत अनुरक्षण इकाई के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अनुपयोगी फर्नीचर को नीलामी के जरिए हटाया जाए ताकि परिसर स्वच्छ और आधुनिक नजर आए।
