डालनवाला गोलीकांड: जनपद देहरादून के थाना डालनवाला क्षेत्र में हुई हालिया गोलीबारी की घटना ने पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है। बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल परिक्षेत्र, राजीव स्वरूप ने स्वयं घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
घटनास्थल का जायजा और साक्ष्यों की समीक्षा
आईजी राजीव स्वरूप ने घटनास्थल की बारीकियों को समझा और वहां उपलब्ध भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अब तक की गई पुलिस कार्रवाई की गहन समीक्षा करते हुए जांच की प्रगति पर असंतोष जाहिर किया और अपराधियों की जल्द धरपकड़ के लिए तकनीकी साक्ष्यों (CCTV और सर्विलांस) के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
विशेष टीमों का गठन और त्वरित गिरफ्तारी
निरीक्षण के बाद आईजी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- घटना में संलिप्त आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीमों का तुरंत गठन किया जाए।
- अपराधियों को अतिशीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक ठोस सुरक्षा रणनीति तैयार की जाए।
क्षेत्राधिकारियों के साथ गोष्ठी: तय होगी जवाबदेही
परिक्षेत्रीय कार्यालय में जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारियों (CO) के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में आईजी ने सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि अब केवल थाना स्तर पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्राधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
“यदि किसी क्षेत्र में गंभीर आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है, तो संबंधित थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी के साथ-साथ क्षेत्राधिकारी (सीओ) भी जिम्मेदार माने जाएंगे।” – राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल
निवारक कार्रवाई पर जोर
आईजी ने सभी अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सक्रिय होने के निर्देश दिए:
- नियमित चेकिंग: संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए क्षेत्रों में नियमित और सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएं।
- विवादों का निस्तारण: भूमि विवाद, आपसी रंजिश या अन्य संवेदनशील मामलों को चिह्नित कर उनमें समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई (Preventive Action) की जाए।
- त्वरित कार्रवाई: हाल के दिनों में हुई अन्य आपराधिक घटनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी लंबित मामलों में त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि गढ़वाल पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
