बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले का कपकोट क्षेत्र इन दिनों साहसिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। हाल ही में यहाँ आयोजित राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता ने न केवल पर्यटकों का मन मोहा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार भी खोले हैं।
रंग-बिरंगी छतरियों से गुलजार हुआ आसमान
प्रतियोगिता के अंतिम दिन रोमांच अपने चरम पर रहा। जैसे ही पैराग्लाइडरों ने जालेख की पहाड़ियों से उड़ान भरी, पूरा आसमान रंग-बिरंगी छतरियों से सराबोर हो गया। इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। प्रतियोगिता की मुख्य झलकियाँ निम्नलिखित रहीं:
- प्रतिभागी: देश के विभिन्न राज्यों से आए 64 जांबाज पायलटों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
- कौशल का प्रदर्शन: खिलाड़ियों ने ऊंचाइयों से सटीक लैंडिंग (Accuracy) और उत्कृष्ट हवाई पैंतरेबाजी का परिचय दिया।
- आकर्षण: जालेख से कपकोट तक की उड़ान दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रही।

एडवेंचर टूरिज्म का नया हब बनता कपकोट
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्पों के अनुरूप, उत्तराखंड अब पारंपरिक तीर्थाटन के साथ-साथ ‘एडवेंचर टूरिज्म’ के वैश्विक मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन से कपकोट को एक नई पहचान मिली है।
“हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय आर्थिकी को मजबूत किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर भी पैदा करते हैं।” — शासन का दृष्टिकोण
विकास और रोजगार की नई उड़ान
राज्य सरकार की इस पहल का सीधा असर धरातल पर दिखने लगा है:
- बुनियादी ढांचा: विभिन्न स्थानों को साहसिक खेलों के अनुकूल विकसित किया जा रहा है।
- स्थानीय रोजगार: होमस्टे, गाइड और लॉजिस्टिक्स के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो रही है।
- वैश्विक पहचान: राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से बाहरी निवेश और पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा और प्रोत्साहन मिले, तो कपकोट जैसे पर्वतीय क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के ‘स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन’ बन सकते हैं।
