रामनगर। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और आस्था के केंद्र गर्जिया देवी मंदिर में इन दिनों सुरक्षात्मक और पुनर्निर्माण कार्य के चलते श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने यह निर्णय मंदिर के टीले और चबूतरे की जर्जर स्थिति को देखते हुए लिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
रामनगर के उप जिलाधिकारी (SDM) प्रमोद कुमार के अनुसार, मंदिर के नीचे स्थित मुख्य चबूतरा काफी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका था। इस स्थिति में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ टीले की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी। वर्तमान में रामनगर सिंचाई खंड द्वारा मंदिर के टीले और चबूतरे की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
प्रशासन और सिंचाई विभाग का समन्वय
सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने प्रशासन के साथ बैठक कर सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया था। विभाग की ओर से लिखित आग्रह किया गया था कि निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं की मौजूदगी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।
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“निर्माण कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला लेना अनिवार्य था। जब तक टीले का सुदृढ़ीकरण कार्य पूरा नहीं हो जाता, श्रद्धालुओं का वहां जाना जोखिम भरा है।” — प्रमोद कुमार, SDM, रामनगर
मुख्य बिंदु:
- प्रतिबंध की अवधि: सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर को 13 फरवरी तक पूर्ण रूप से बंद रखा जा सकता है।
- सूचना: मंदिर समिति और पुजारियों को इस निर्णय के बारे में फोन और लिखित आदेश के माध्यम से सूचित कर दिया गया है।
- अपील: प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है और निर्माण कार्य पूरा होने तक धैर्य बनाए रखने को कहा है।
