नैनीताल/भीमताल: देवभूमि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और बाबा नीम करौली के भक्तों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। नैनीताल, भीमताल और कैंची धाम की यात्रा अब और भी आसान और रोमांचक होने वाली है। पहाड़ों पर लगने वाले लंबे जाम से पर्यटकों को निजात दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 35 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना पर काम शुरू हो गया है।
भीमताल से शुरू हुआ सर्वे का काम निजी कंपनी ने इस बड़ी परियोजना के लिए धरातल पर काम शुरू कर दिया है। रोपवे कंपनी के सुपरवाइजर मयंक श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि एजेंसी ने भीमताल के सिडकुल क्षेत्र से सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस सर्वे के शुरू होने के साथ ही स्थानीय निवासियों और पर्यटन व्यवसायियों में जाम से मुक्ति मिलने की उम्मीद जाग गई है।
बनेंगे 5 प्रमुख स्टेशन यह रोपवे लाइन लगभग 35 किलोमीटर लंबी होगी, जो कुमाऊं के प्रमुख पर्यटक स्थलों को एक सूत्र में पिरोएगी। योजना के अनुसार, इस रूट पर कुल पांच स्टेशन बनाए जाएंगे:
- रानीबाग
- भीमताल
- भवाली
- नैनीताल
- कैंची धाम
इस रूट के तैयार होने से पर्यटक रानीबाग से सीधे कैंची धाम या नैनीताल तक का सफर बिना किसी ट्रैफिक बाधा के तय कर सकेंगे।
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पर्यटन को मिलेंगे नए पंख इस परियोजना का उद्देश्य केवल यातायात को सुगम बनाना ही नहीं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देना भी है।
- जाम से राहत: पीक सीजन में नैनीताल और भवाली में लगने वाले घंटों के जाम से पर्यटकों को मुक्ति मिलेगी।
- प्राकृतिक सौंदर्य: रोपवे के जरिए सफर करते हुए यात्री पहाड़ों के विहंगम दृश्यों और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे।
केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों पर शुरू हुई इस कवायद को उत्तराखंड के पर्यटन विकास में एक अहम कदम माना जा रहा है। सर्वे पूरा होने और निर्माण कार्य शुरू होने के बाद, यह रोपवे सेवा यात्रियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं होगी।
