देहरादून: मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में राज्य कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) के तहत प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई और समिति द्वारा उन्हें संस्तुति प्रदान की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के तहत होने वाले कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए।
कार्यों की निगरानी और रिपोर्टिंग पर सख्ती मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देशित किया कि वे स्वीकृत प्रस्तावों के लिए जारी फंड और धरातल पर हुए कार्य की भौतिक प्रगति का मिलान करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों से ‘MCR फॉर्मेट’ पर ही भौतिक प्रगति रिपोर्ट ली जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
सिंचाई विभाग के लिए विशेष निर्देश सिंचाई विभाग के कार्यों में तकनीकी दक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली ‘नियोजन की इंजीनियर्स समिति’ को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में कोई भी प्रस्ताव भेजने से पहले इस समिति द्वारा तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का गहन परीक्षण किया जाना अनिवार्य होगा।
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इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने विभागाध्यक्ष (सिंचाई) को देहरादून के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम (Canal System) को दुरुस्त करने और नहरों के सुधारीकरण व मजबूतीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।
बाढ़ सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल उपाय मुख्य सचिव ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए एक विस्तृत नियमावली बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक कार्यस्थल की भौगोलिक स्थिति और प्रकृति अलग होती है, इसलिए कार्य उसी के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहाँ संभव हो, वहां ‘वेजीटेव प्रोटेक्शन वर्क’ (Vegetative Protection Work) को प्राथमिकता दी जाए।
ENC PWD बनेंगे स्थायी सदस्य बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए मुख्य सचिव ने सचिव (आपदा) को निर्देश दिए कि राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रमुख अभियंता (ENC), लोक निर्माण विभाग (PWD) को भी स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।
ये रहे उपस्थित बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री आनन्द स्वरूप, श्रीमती रंजना राजगुरु और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
