Uttarakhand 2025: उत्तराखंड के लिए वर्ष 2025 ऐतिहासिक और घटनाओं से भरा हुआ वर्ष रहा है। इस वर्ष राज्य ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे किए और ‘रजत जयंती’ (Silver Jubilee) मनाई। इसके साथ ही राजनीति, खेल, आपदा और विकास के मोर्चे पर कई बड़ी खबरें सुर्खियों में रहीं।
यहाँ वर्ष 2025 में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण घटनाओं का विस्तारपूर्वक विवरण दिया गया है:
1. समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य
वर्ष 2025 की शुरुआत एक ऐतिहासिक फैसले के साथ हुई। 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड आधिकारिक तौर पर समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया।
मुख्य बिंदु: इसके तहत विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू किया गया (जनजातियों को इससे बाहर रखा गया है)।
2. 38वें राष्ट्रीय खेल (38th National Games) की मेजबानी
वर्ष के शुरूआती महीनों (जनवरी-फरवरी 2025) में उत्तराखंड ने 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की। यह राज्य के खेल इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ।
परिणाम: पदक तालिका में ‘सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड’ (Services) ने शीर्ष स्थान हासिल किया। उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष 10 में अपनी जगह बनाई (7वां स्थान)।
3. चारधाम यात्रा 2025: उतार-चढ़ाव भरा सीजन
चारधाम यात्रा अप्रैल-मई में शुरू हुई और नवंबर के मध्य तक चली।
- कपाट खुलने की तिथियां: यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट 30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को, केदारनाथ के 2 मई को और बदरीनाथ के 4 मई 2025 को खुले।
- यात्री संख्या: यात्रा की शुरुआत में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 26% की गिरावट देखी गई, लेकिन बाद में आंकड़े सुधरे और कुल पंजीकरण 19 लाख के पार पहुंच गया।
- समापन: भाई दूज और उसके बाद नवंबर में विधिवत रूप से चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
4. प्राकृतिक आपदा: उत्तरकाशी में बादल फटना
मानसून के दौरान राज्य को दैवीय आपदा का सामना करना पड़ा। 5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी जिले के धराली और हरसिल क्षेत्र में बादल फटने (Cloudburst) और फ्लैश फ्लड की घटना हुई।
प्रभाव: इसमें जान-माल का नुकसान हुआ, कई घर क्षतिग्रस्त हुए और गंगोत्री राजमार्ग बाधित हुआ। यह 2025 की सबसे बड़ी दुखद घटनाओं में से एक थी।
5. राज्य स्थापना की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ)
9 नवंबर 2025 को उत्तराखंड ने अपना 25वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए 7 बड़ी घोषणाएं कीं:
- पेंशन में बढ़ोतरी: सामान्य आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 और जेल गए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 की गई।
- चिकित्सा सुविधा: दिव्यांग आंदोलनकारियों को अब ₹30,000 तक की सहायता और मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया गया।
6. निवेश और विकास कार्य (Investment & Infrastructure)
- इन्वेस्टर समिट का असर: जुलाई 2025 में रुद्रपुर में ‘इन्वेस्टमेंट फेस्टिवल’ आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। सरकार ने दावा किया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
- बदरीनाथ मास्टर प्लान: बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास (Redevelopment) का पहला चरण 2025 में पूरा होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ा, जिससे धाम का स्वरूप काफी बदल गया है।
- रोपवे परियोजनाएं: सोनप्रयाग-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं पर कार्य ने गति पकड़ी।
7. अन्य प्रमुख घटनाएं
- फूड फेस्टिवल: साल के अंत में (दिसंबर 2025) मसूरी में ‘उत्तराखंड फूड फेस्टिवल’ का आयोजन हुआ, जिसमें पहाड़ी व्यंजनों (जैसे झंगोरे की खीर, मंडुए की रोटी) को बढ़ावा दिया गया।
- प्रदूषण की मार: साल के अंतिम दिनों में मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी वायु गुणवत्ता (AQI) खराब दर्ज की गई, जो पर्यावरण के लिए चिंता का विषय बनी।
वर्ष 2025 उत्तराखंड के लिए उपलब्धियों और चुनौतियों का मिश्रण रहा। जहाँ एक तरफ UCC और राष्ट्रीय खेलों ने राज्य का मान बढ़ाया, वहीं प्राकृतिक आपदाओं ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता की याद दिलाई।
