Home संस्कृति लोकगीत प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़ लिरिक्स | Pyari janmbhumi mero pahad lyrics

प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़ लिरिक्स | Pyari janmbhumi mero pahad lyrics

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मित्रों आज आपके लिए उत्तराखंड का प्रसिद्ध गीत ,प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़  गीत के लिरिक्स और उसका वीडियो लाये हैं। मित्रों यह गीत ,गढ़वाली  गीत मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़  का कुमाऊनी रूपांतरण है। इस गीत का सर्वप्रथम प्रयोग 2003 में आई उत्तराखंडी फिल्म तेरी सौ  में किया था। यह फिल्म उत्तराखंड आंदोलन को समर्पित फिल्म थी। बाद में इसका कुमाऊनी  वर्जन उत्तराखंड के गायक, वर्तमान में इंडियन आइडियल विजेता 2021,पवनदीप राजन  ने गया है। आइये इसके लिरिक्स क्रमशः कुमाऊनी और गढ़वाली में देखते हैं और लिंक द्वारा वीडियो का आनंद भी लेते हैं।

प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़ ,कुमाऊनी गीत

प्यारी जन्म भूमि मेरो पहाड़।
गंगा जमुना या छो ,
बद्री केदार।
प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़।
फूल फुलनि यां  फूलों की घाटी।
हौंस जागोनि यां ह्युं पड़ी  डानी।
फूल फुलनि यां  फूलों की घाटी।
हौंस जागोनि यां ह्युं पड़ी  डानी।।
नंदा देवी छाया ……..जागेश्वर  धाम……
नंदा देवी छाया ……..जागेश्वर  धाम।।
पंच  प्रयाग यां  हिमकुण्ड  धाम।
औली , गोमुख  यां  भै  हरिद्वार।
प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़।
प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़।।
गंगा जमुना या छो ,
बद्री केदार।।

मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़ ,गढ़वाली भाषा में

मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़।
गंगा जमुना यखी  ….. बद्री केदार।
मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़।
फूल खिलंदी  फूलों की घाटी।
रॉस  जगान्दी    हिंवांली काठी।।
फूल खिलंदी  फूलों की घाटी।
रॉस  जगान्दी    हिंवांली काठी।।
नंदा की छाया  …………..
जागेश्वर धाम …..
पंच प्रयाग यखी , हेमकुंड साहब  …
औली  गौमुख यखी, हरी हरिद्वार।
मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़।
गंगा जमुना यखी  ….. बद्री केदार।
लाम में डट्या छन हमारा लाल।
रण  का जितार छन बैरियों का काल।।
लाम में डट्या छन हमारा लाल।
रण  का जितार छन बैरियों का काल।।
सुमन, माधोसिंग  ………………..

तुम्हरो बलिदान। …..
सुमन, माधोसिंग,तुम्हरो बलिदान।
केशरी चंदर सिंह देशकी शान।
रामी ,गौरा और तिलु जनि नार।।
मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़।
मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़।।
गयेनि घसेरियुक मयालू प्राण।
बण मा ग्वेरुकि बासुरी तान।।
गयेनि घसेरियुक मयालू प्राण।
बण मा ग्वेरुकि बासुरी तान।।
थड्या ,झुमेलो , गीत खुदेड़।
हुड़की ,मसक ढोल दमऊ की ताल।
नैनताल यखी , मसूरी बाजार।।
मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़।
मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़।।
ओ। . हो…ला… ला…….
प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़

गढ़वाली फ़िल्म तेरी सौं के बारे में :-

2003 में एक गढ़वाली फ़िल्म आई थी तेरी सौं , इसे  अनुज जोशी जी ने बनाया था। 02 अक्टूबर 1994 के मुजफ्फरनगर कांड का बड़ा ही मार्मिक चित्रण किया था इसमे । यह फ़िल्म कुमाउनी में भी डब की गई थी। तेरी सौं फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक युवा अपनो पर और अपनी संस्कृति,पहाड़ और अपनी इज्ज़त पर हुए अन्याय से क्षुब्ध होकर हथियार उठाने को मजबूर हो जाता है।

मगर उसके अपने संस्कार और अपने लोग उसे इस दलदल में फसने से रोक लेते हैं। और अहिंसात्मक रूप से अपने उत्तराखंड के लिए लड़ाई जारी रखता है। अभी यूटयूब पर इसका गढ़वाली वर्सन उपलब्ध है। यहाँ उसका लिंक दे रहे हैं। इस मूवी को जरूर देखिए। कुमाउनी में प्यारी जन्मभूमि मेरो पहाड़ ,और गढ़वाली में मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़ गीत इसी फिल्म में प्रयोग किये गए थे।

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