Home मंदिर कसार देवी मंदिर का रहस्य | Kasar Devi Temple mystery

कसार देवी मंदिर का रहस्य | Kasar Devi Temple mystery

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 कसार देवी मंदिर के बारे में –

उत्तराखंड अल्मोड़ा जिले में जिला मुख्यालय से लगभग 08 किलोमीटर दूर कसार देवी नमक एक गावं है। इसी कसार देवी गांव के कश्यप पर्वत माँ भगवती का मंदिर है। इस मंदिर में माँ भगवती के कात्यायनी रूप की पूजा की जाती है। और यह मंदिर कसार देवी मंदिर अल्मोड़ा के नाम से जगत विख्यात है। यहाँ योग ध्यान के लिए लोग देश विदेश से आतें हैं। कसार देवी टेम्पल अल्मोड़ा क्षेत्र और कालीमठ क्षेत्र को आधात्मिक ऊर्जा का आदर्श केंद्र माना गया है।

कसार देवी मंदिर का इतिहास और पौराणिक कहानी –

दूसरी शताब्दी में बने कसार देवी मंदिर में १९७०-८० डच सन्यासियों का प्रमुख आश्रय था। कहा जाता है की १९९० में स्वामी विवेकानंद  ध्यान के लिए यहाँ आये थे। यहाँ १९६०-७० के दशक में हिप्पी आंदोलन बहुत प्रसिद्ध हुवा था। पौराणिक कथाओं के अनुसार ,मंदिर में माँ दुर्गा के आठ रूपों में से एक रूप “देवी कात्यायनी” की पूजा की जाती है। इस स्थान में “माँ दुर्गा” ने शुम्भ-निशुम्भ नाम के दो राक्षसों का वध करने के लिए “देवी कात्यायनी” का रूप धारण किया था।

कसार देवी मंदिर का रहस्य –

दुनियाभर में वैसे तो ऐसी जगहों की कोई कमी नहीं है, जो अपनी चमत्कारी वजह से जानी जाती हैं। ये वही जगहें होती हैं जिनके चमत्कारी हचलचों को देखने के लिए भारी तादाद में लोग यहां आते हैं और अनुभव प्राप्त करते हैं। ऐसा नहीं है कि ये चमत्कारी जगहें सिर्फ विदेशों में ही है। बल्कि भारत में भी ऐसे कई चमत्कारी जगहें मौजूद हैं। उन्हीं में से आज हम एक ऐसी ही जगह की बात करेंगे जो अपने चमत्कारी शक्ति के लिए जाना जाता है।

दरअसल हम जिस जगह की बात कर रहे हैं वो एक मंदिर है ,जो उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले में स्थित ये चमत्कारी मंदिर, जो अपनी खास चुंबकीय शक्ति के लिए जाना जाता है। इस मंदिर की शक्ति से नासा के वैज्ञानिक भी है हैरान।

इस मंदिर का यह रहस्यमयी चमत्कार अब इतना प्रसिद्ध हो चुका है कि यहां नासा के वैज्ञानिकों ने भी खूब रिसर्च की, लेकिन वे यहां से खाली हाथ ही वापस लौट गए। दरअसल मंदिर के आस-पास का पूरा इलाका एक शक्तिशाली चुंबकीय ताकत से परिपूर्ण है। इस चमत्कारी मंदिर का नाम कसार देवी मंदिर है।

कसार देवी में रेडिओएक्टिव  चुम्बकीय पुंज मिलने के कारण विश्व प्रसिद्ध खोजी संस्था नासा इसकी खोज कर रही है। और नासा वालों ने इस क्षेत्र को चिह्नित  करने के लिए इसका नाम kasar devi Devi GPS -8 रखा गया है।

कसार देवी मंदिर का रहस्य | Kasar Devi Temple mystery
कसार देवी अल्मोड़ा उत्तराखंड दुनिया की प्रसिद्ध रहसयमई जगहों में से एक है।

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उत्तराखंड का यह पूरा क्षेत्र ठीक उसी तरह से मैगनेटिक एनर्जी से चार्ज रहता है जैसे ब्रिटेन का स्टोनहॅन्ज और पेरू केमाचू- पिच्चू। ये दोनों इलाके भी ठीक ऐसी ही विशेष शक्ति से चार्ज रहते हैं। इस मंदिर के लिए कहा जाता है कि यह जगह आध्यात्मिक साधना के लिए एक उत्तम जगह है। इतना ही नहीं खुद स्वामी विवेकानंद भी इस जगह साधना के लिए आए थे।इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां खुद मां दुर्गा प्रकट हुईं थी।

मंदिर तक पहुंचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियों को चढ़ना होता है, जिसे भक्त बिना किसी दिक्कत के आसानी से चढ़ जाते हैं।यह वह पवित्र स्थान है , जहां भारत का प्रत्येक सच्चा धर्मालु व्यक्ति अपने जीवन का अंतिम काल बिताने को इच्छुक रहता है। अनूठी मानसिक शांति मिलने के कारण यहां देश-विदेश से कई पर्यटक आते हैं प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा में (नवम्बर-दिसम्बर) को कसार देवी का मेला लगता है।

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