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स्वरोजगार

उत्तराखंड में लोगों ने की स्वरोजगार की नई पहल

उत्तराखंड में लोगों ने की स्वरोजगार की नई पहल

उत्तराखंड में रोजगार के अवसर कम होने के कारण लोगो को अपनी जीविका चलने के लिए, अक्सर अपने गावों से बहार किसी दूर-दर्ज के शहरों में जाना पढता हैं। अपने परिवार को छोड़ कर मीलो दूर पैसे कमाने, रोजगार के लिए जाना ही पड़ता हैं। उत्तराखंड जिसे देवभूमि कहा जाता हैं यहाँ किसी चीज की कमी नहीं हैं बस रोजगार के अवसर कम थे। किसी  ने  कहा हैं  -“हर घटना के दो पहलु  होते हैं , किसी के लिए अच्छा होता हैं तो किसी के लिए बुरा।” इस  २०२० में आये विश्व स्तरीय कोरोना संकट ने सरे विश्व को काफी नुकसान पहुंचाया हैं। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं हैं। इस कोरोना काल में रोजगार की बहुत बढ़ा संकट सामने आया, जिसके कारण कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। उत्तराखंड के जो लोग बहार देश के अलग अलग शहरो में रोजगार करते थे उनको वापस अपने घर उत्तराखंड आना पड़ा। वापस आने के बाद सबसे बढ़ी समस्या लोगो के सामने रोजगार की आयी। रोजगार होगा तो जीवन सही तरिके से जिया जा सकता हैं।

उत्तराखंड के कुछ लोग ने स्वरोजगार के बारे में सोचा, उत्तराखंड के कई ऐसे लोग भी है जिन्होंने आज से कई साल पैहले शहर की अच्छी खासी जॉब छोड़ कर अपने गांव में अपना स्वरोजगार शुरू किया। पर ऐसे लोगो जो लाइन से हट कर अपनी खुद की पेहचान बनाते हैं बहुत काम होते है तो यहाँ भी ऐसे लोगो की कमी थी, पर ऐसे लोग थे और हैं भी आज। उन लोगों ने जब कोरोना काल में अपने आस-पास अपने उत्तराखंड में लोगो को देखा जिनपे रोजगार का संकट था उनको स्वरोजगार की और लेजाने का सोचा।

स्वरोजगार की पहल
स्वरोजगार की नई पहल

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उत्तराखंड जिसे देवभूमि कहा जाता हैं उसमे अवसरो संसाधनों की कमी नहीं हैं बस चाहिए तो उनको पहचानने वाली नजर। जब लोग वापस आये और कुछ समय अपने गाँव में बिताया तो लोगो को पता चला की वो अपने घर, अपने गांव में रहकर भी अपना खड़ का रोजगार शुरू कर सकते हैं। और हमारे गाँवो में उत्तराखंड में ऐसा अभी भी भाईचारा हैं की आप कोई काम काना चाहते हो तो हर कोई अपनी मदद के लिए हाथ बढ़ायेगा। आज कई लोग ऐसे है जिन्होंने स्वरोजगार सुरु किया और अपने गांवों में औरो को भी रोजगार दे रहे हैं।

 

उत्तराखंड में शुरू किये गए लोगों द्वारा स्वरोजगार :-

घर का बना अचार, आम से लेकर तिमले का अचार बनाना शुरू किया हैं, हर्बल चाय और जैम-जूस का काम शुरू किया हैं, काफी बड़े तोर मशरूम की खेती शुरू की हैं, हस्तशिल्प से जुड़े कामो को शुरू किया हैं, मोमबत्ती बनाना, अगरबत्ती बनाना आदि आने स्वरोजगार शुरु किया हैं। 

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