Nainital
संस्कृति

शायद ही आप जानते होंगे पर्यटन नगरी नैनीताल की ये अद्भुत बातें।nainital

नैनीताल उत्तराखंड की विशेषता, nainital Uttrakhand

नैनीताल उत्तराखंड (Nainital Uttrakhand) के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से है । जो उत्तराखंड का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। यूँ तो नैनीताल हर कोई घुमने आता है जो ना आया हो वो भी नैनीताल घुमने की चाहत रखता है। बेहद खूबसूरत झील नैनीताल जिसे देखने से मन प्रसन्न हो जाता है। लेकिन वहाँ घुमने से पहले हमें यहां के बारे मे कुछ जानकारिया हो तो घुमने का मज़ा और उसको जानने की रुचि और बढ़ जाती है।

नैनीताल
नैनीताल, फोटो साभार-Google

नैनीताल अपने खूबसूरत परिदृश्य और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों के लिए स्वर्ग के रूप में जाना जाता है। प्राकृतिक सुंदरता में झीलों के शहर के रूप में प्रसिद्ध नैनीताल में बर्फ से ढकी पहाडिय़ां और झीलें हैं।

नैनीताल नाम का अर्थ है,’द लेक ऑफ द आई’ जिसे हिंदी मे (नयन) भी कहा जाता है कि देवी सती की बाई आंख इस जगह पर गिर गई थी, जिसके बाद इस जगह का नाम नैनीताल पड़ गया। कोई आश्चर्य नहीं कि भारत में नैना देवी भी भारत के 51 शक्ति पीठों में से एक है।

नैनीताल के बारे मे प्रचालित पौराणिक कथा
मानस खंड में नैनीताल को “तीन ऋषियों की झील” भी कहा गया है। पुराणों के अनुसार तीन ऋषि अर्थात अत्रि , पुलस्तय और पुलाहा अपनी प्यास बुझाने के लिए यहां  रूक गए थे। यहां वे पानी खोजने में असमर्थ रहे और उन्होंने एक गड्ढा खोदा और उसे पानी से भर दिया गया, जो मानसरोवर झील से लाया गया था। इस प्रकार नैनी झील अस्तित्व में आ गई।

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माना यह भी जाता है कि नैनी झील भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। नैनीझील का इतिहास लोकप्रिय देवी सती की मृत्यु की कहानी पर आधारित है। जब देवी सती की मृत्यु हई तो ,शोक संतप्त भगवान शिव सती के शव को लेकर ब्रह्मांड घूमते रहे। तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से ,देवी सती के शरीर को 52 हिस्सों में काट दिया, जो पृथ्वी स्थल पर गिरकर पवित्र स्थल बन गए।  नैनीताल में देवी सती की आंखें गिरी थी। इसके बाद से देवी शक्ति की पूजा नैना देवी के रूप में की जाती है। जिसे स्थानीय लोग नैनी देवी माता मंदिर के रूप में जानते हैं।

नैनीताल पयर्टको के लिए काफी आकर्षण का केंद्र माना जाता है। यहां पर्यटकों के देखने के लिए काफी स्थान है ।जैसे-: टिफिनटॉप, किलबरी, स्नो व्यू पॉइंट, हाई एल्टीट्यूड जू, लैंड्स एंड और हनुमानगढ़ी घूम सकते हैं।

खुर्पाताल और नौकुचियाताल जैसे आसपास के स्थान भी नैनीताल के आकर्षण का केंद्र हैं।राजभवन, चिड़ियाघर, चाइना पीक या नैनापीक,फ्लैट्स, मॉल, सेंट जॉन चर्च इन वाइल्डरनेस, और पंगोट यहां के अन्य पर्यटक आकर्षण हैं।

ठंडी सड़क, गुर्ने हाउस, खुर्पाताल, गुआनो हिल और अरबिंदो आश्रम भी देखने योग्य हैं। इसके अलावा, पर्यटक विभिन्न गतिविधियों में जैसे घोड़े की सवारी, ट्रैकिंग, और दूसरे पर्यटकों के साथ नौका विहार, में शामिल हो सकते हैं।

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