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साइबर अपराधियों पर नजर रखेगी भारत की साइबर सेना

Cyber volunteers , भारत के वो आम नागरिक जो साइबर अपराधियों पर नजर रखेंगे।

जी हा,भारत सरकार अब एक साइबर सेना गठित करने की तैयारी कर रही है। यह साइबर सेना साइबर अपराधियों पर नजर रखेगी। ऑनलाईन फ्रॉड और सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं राष्ट्र विरोधी पोस्ट करने वालों पर नजर रखेगी।

महिला विरोधी पोस्ट करने या टिप्पणियां करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।भारत का कोई भी सामान्य नागरिक इसमें शामिल हो सकता है। यह गृह मंत्रालय के आधीन होगा।

National cyber crime reporting portal   के अनुसार सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए कोई भी आम नागरिक आवेदन कर सकता है।

यदि आपको यह काम करना है,तो आपको खुद को रजिस्टर्ड करना होगा।  volunteers के रूप रजिस्ट्रेशन के बाद,किसी भी हिंसक,आपतिजनक, महिला विरोधी और राष्ट्रविरोधी पोस्टों कि रिपोर्ट कर सकेंगे।

इसको Indian cyber crime co-ordination center (I4C) का नाम दिया है।

Cyber volunteers
Cyber volunteers in India

volunteers  कि 3 कैटगरी है –

  • गैर कानूनी कंटेंट प्लेगर,साइबर वॉलंटियर्स
  • साइबर प्रमोटर्स
  • साइबर एक्सपर्ट

Cyber volunteers गैर कानूनी कंटेंट प्लेगर-

इस कैटगरी मे गैर कानूनी पोस्ट, चाइल्ड पोर्नग्राफी,रेप,गैंगरेप, राष्ट्र विरोधी पोस्टों पर नजर रखनी होगी। तथा इन पोस्टोंकी रिपोर्ट करनी होगी। इस कैटगरी के लिए kyc verification नहीं किया जाएगा। इसमें आप राष्ट्र विरोधी,महिला विरोधी, बाल विरोधी सोशल मीडिया पोस्टों की रिपोर्ट कर सकेंगे। इसके साथ ऑनलाईन ठगी के कि रिपोर्ट भी कर सकेंगे।

साइबर प्रमोटर्स-

इसमें आपको भारत की जनता को साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी के बारे में जागरूक करना होगा। इस कैटगरी मे KYC verification जरूरी है।

साइबर एक्सपर्ट-

इस पद के अंतर्गत साइबर वॉलंटियर्स को ,साइबर क्राइम ,क्रिप्टोग्राफ़ी ,आदि मे सरकारी एजेंसियों की मदद करनी होगी।

इसमें भी KYC verification जरूरी है।

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जम्मू कश्मीर से होगी शुरुवात –

English अखबार The Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सबसे पहले इस योजना को जम्मू एवं कश्मीर तथा त्रिपुरा से शुरुवात करेगी।

यह एक पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर होगा। इन 2राज्यों में सफलता का विश्लेषण कर आगे की रणनीति बनेगी।

Cyber volunteers को इन बातों का ध्यान रखना होगा-

  1. किसी भी प्रदेश के नागरिक खुद को volunteer के रूप में पंजीकृत करा सकते हैं।
  2. पंजीकरण cybercrime.gov.in पर अपना नाम पता, मोबाइल no तथा email address देकर कराया जा सकता है।
  3. गृह मंत्रालय ने इसमें शामिल होने वाले के लिए सख्त दिशा निर्देश बनाए हैं।
  4. Volunteers इस अभियान को प्रयोग किसी कमिर्शियल,सार्वजनिक तथा, व्यक्तिगत फायदे के लिए नहीं कर सकते हैं।
  5. Volunteers किसी भी मंच पर गृह मंत्रालय का नाम का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। मतलब किसी को नहीं बताना है, कि वह गृह मंत्रालय से जुड़ा है।

निवेदन –

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